सहगल मेंशन
नैना संगीत के लिए बिल्कुल रेडी थी उसने पीच कलर का लहंगा पहना था जिसका ऑफशोल्डर ब्लाउज था दुपट्टा उसने अपनी एल्बो पर कैरी किया हुआ था दोनों साइड । फेस पर न्यूड लाइट मेकअप eyes smoky थी साथ ही पीच कलर की कुंदन ज्वैलरी पहनी हुई था बाल खुले थे बिल्कुल स्ट्रेट । इस टाइम वो बहुत प्यारी लग रही थी कोई भी उसे देखे तो मानो देखता ही रह जाए ।
खैर अर्जुन यहां नहीं आने वाला था और होता भी तो उस पर नैना का कुछ खास असर होता नही......
नैना को सोफे पर बैठा दिया जाता है एक एक करके सब लोग अपना डांस परफॉर्मेंस दे रहे थे ज्यादा गेस्ट इनवाइट नहीं थे दोनों की शादी में क्योंकि अर्जुन को वेडिंग प्राइवेट रखनी थी इसलिए कुछ ही रिलेटिव्स थे नैना को भी डांस कराया जा रहा था उसकी मेंहदी भी सूख चुकी थी लेकिन अभी कुछ खास कलर आया नहीं था ।
मेंहदी के कलर का तो कल पता चलने वाला था । रात तक सब लोग अपने घर जा चुके थे कल दोपहर को शादी थी तो सबको रेस्ट भी करना था ।
अगला दिन
नैना अपने रूम में ही ब्रेकफास्ट कर रही थी ब्राइड थी वो तो उसे कही जाना नहीं था घर ही रहना था । ब्रेकफास्ट खत्म होने के बाद कुछ सोचते हुए वो शिवांश को कॉल करती है लेकिन उसका कॉल लग ही नहीं रहा था ऑफिस में पता किया उसने वहां से उसे पता चला कि शिवांश को बहुत इंपोर्टेंट डील की वजह से कैनेडा जाना पड़ा था ।
ये सब सुनकर तो नैना का पूरा मूड खराब हो चुका था उसकी आँखें नम होने लगी थी तभी वो धीरे से बोलती है "ये क्या हो रहा है मेरे साथ ऐसा कुछ तो कभी नहीं सोचा था मैने और वो शिवांश......" उसको शिवांश के कहे लफ्ज़ याद आ जाते है जब उसने कन्फेस किया था ।
नैना के दिल में उसके लिए वैसा कुछ नहीं था लेकिन उसे शिवांश के लिए बुरा लग रहा था वो उसका इकलौता दोस्त था वो अपनी उस दोस्त को खोना तो बिल्कुल नहीं चाहती थी सिचुएशन चाहे जैसी भी हो.....उसकी आंखों से आंसू का एक कतरा बह निकला था जिसने उसे बेरहमी से पोंछ दिया था ।
वो खुद को कितना भी स्ट्रांग दिखा ले लेकिन कब तक वो अपनी प्रॉब्लम किसी को बता नहीं पा रही थी या कहो कि उसके पास कोई ऑप्शन ही नहीं था । थोड़ी देर बाद सब लोग मैरिज हॉल के लिए निकल जाते है नैना को रूम में बैठा दिया जाता है कुछ देर बाद वहां पर 2 लड़कियां आ गई थी जो नैना को रेडी करने वाली थी और अभी सुबह के 11 बज रहे थे नैना को रेडी होने में टाइम लगने वाला था लगभग 2 घंटे तो आराम से ।
2 घंटे बाद
नैना मिरर के सामने बैठी हुई थी वो पूरी तरह से तैयार थी उसने डार्क रेड कलर का लहंगा पहना हुआ था और डार्क रेड कलर का ही ब्लाउज था वी नेक का ब्लाउज था वो जो कि बहुत हैवी था साथ ही उसने लहंगे से होता हुआ दुपट्टा राइट साइड वाले शोल्डर पर कैरी किया हुआ था और एक डार्क रेड कलर का दुपट्टा उसके सर पर था घूंघट किया हुआ था उसने रिचुअल्स की वजह से नहीं उस दुप्पटे पर लिखा हुआ था " Arjun's bride " front में इसलिए ।
साथ ही उसने गोल्डन कलर की ज्वैलरी पहनी हुई थी हाथ में डार्क रेड चूड़ा जिसमें कलीरे लगी हुई थी आज नैना बिल्कुल शांत थी ना खुश ना दुखी शायद इस सिचुएशन को किस्मत मान कर एक्सेप्ट कर रही थी बाकी सब कुछ वो खुद मैनेज करने वाली थी अर्जुन के साथ आज से उसकी न्यू लाइफ शुरू होने जा रही थी और वो खुश रहेगी या नहीं उसे कुछ पता नहीं था उसे बस इतना पता था कि उसकी शादी हो रही है एक बदले और अपनी मॉम के लिए ।
वो अभी यही सब सोच रही थी कि एकदम से गेट खुलता है साक्षी और सुनीता जी अंदर आती है । नैना को देख कर उन दोनों की आँखें नम हो चुकी थी afterall उसका घर चेंज हो रहा था अब से वो कही और रहेगी.....
सुनीता जी चुपचाप नैना की नजर उतारती है तीनों में से कोई कुछ नहीं बोल रहा था वो दोनों उसे मंडप में ले जाने आई थी नजर उतारने के बाद सुनीता जी आगे बढ़ कर एक दम से नैना को गले लगा लेती है उनकी आँखें नम थी लेकिन वो अपने आंसू रोके हुए थीं ताकि नैना ना रो दे नैना का भी कुछ यही हाल था लेकिन साक्षी वो रो रही थी तभी नैना साक्षी को अपनी तरफ आने का इशारा करती है और दूसरी साइड से उसे भी गले लगा लेती है ।
अब सुनीता जी नैना से अलग होते हुए बोलती है "चलो नैना बच्चे लेट नहीं करना टाइम हो गया है चलो नीचे चलते है" उनकी आवाज कांप रही रही थी नैना देख सकती थी कि वो किस हद तक खुद को कंट्रोल कर रही है नैना भी हां में सर हिला कर नीचे चल देती है ।
अर्जुन अभी जस्ट मंडप में आकर बैठा था उसने ऑफव्हाइट कलर की शेरवानी पहनी हुई थी साथ रेड कलर का साफ और रेड दुपट्टा कैरी किया हुआ था उसके माथे पर टिका था जो कि पंडित जी ने ही लगाया था । उसके चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं थे वो बस अग्निकुंड को देख रहा था ऐसे जैसे आस पास से उसे कोई मतलब ही नहीं है और सच में उसे किसी चीज से मतलब था भी नहीं न नैना से ना इस शादी से वो बस एक फॉर्मेलिटी पूरी कर रहा था..
तभी हॉल में एकदम से शांति छा जाती है सब लोग ऊपर सीढ़ियों की तरफ देखने लगते है जहां से इस शांति को तोड़ते जाते पायल का शोर आ रहा था अर्जुन की नजर उस तरफ घूम जाती है और वक्त मानो थम सा गया था उसका दिल एक बार फिर से शोर करने लगता है उसकी धड़कनों ने रफ्तार पकड़ ली थी और ये आज दूसरी बार था पहली बार एंगेजमेंट में ऐसा हुआ था और फिर अभी वो बिना किसी भाव के नैना वो देख रहा था नैना अब मंडप की तरफ बढ़ रही थी ।
अर्जुन की नजर उस पर ही टिकी हुई थी उसका वो दुपट्टा जिस पर अर्जुन का नाम था मेंहदी से भरे हाथ जिन पर एकदम गाढ़ा लाल रंग की मेंहदी थी उसका चूड़ा और कलीरे फिर उसका चेहरा जो उस नेट के दुपट्टे में काफी हद तक नजर आ रहा था नैना की पलके झुकी हुई थी ।
और अब नैना को मंडप में बैठा दिया जाता है नैना ने एक बार भी अर्जुन को नहीं देखा था शायद वो देखना भी नहीं चाहती थी लेकिन अर्जुन की नज़रे बार बार नैना पर जा रही थी कुछ ही सेकेंड के लिए फिर वो वापस अपनी नज़र घुमा लेता अब उन दोनों फेरे के लिए खड़ा होना था अर्जुन ऑलरेडी खड़ा हो चुका था ।
साक्षी नैना की हेल्प के लिए आगे आ रही थी लेकिन अर्जुन उसे हाथ दिखा कर वहीं रोक देता है और खुद नैना की तरफ हाथ बढ़ा देता है। नैना जो अभी तक उठने की कोशिश कर रही थी वो एक नजर हाथ को देखती है फिर अर्जुन को उसके चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं थे वो अर्जुन का हाथ थाम लेती है तभी वो दोनों फेरे लेने लगते है फेरे के साथ साथ पंडित जी वचन भी बोल रहे थे जिन्हें अर्जुन दोहरा था या शायद नहीं भी उसने नैना का हाथ अभी तक कस से पकड़ा हुआ था हालांकि नैना ने हाथ छुड़ाने की कोशिश की थी लेकिन अर्जुन की पकड़ और टाइट हो गई थी तो उसने कोशिश करना छोड़ दिया था ।
फेरे लेने के बाद दोनों अपनी अपनी जगह पर बैठ चुके थे अब बारी सिंदूर और मंगलसूत्र की थी नैना अपनी खाली नजरों से अग्निकुंड को देख रही थी सुनीता जी आकर उसका घूंघट हटा देती है अब उसका चेहरा बिल्कुल साफ दिख रहा था अर्जुन उसे मंगलसूत्र पहना रहा था वो उसके चेहरे पर झुका हुआ था और से उसका चेहरा देख रहा था नैना की आँखें लाल थी और नाक भी उसे देख कर साफ पता चल रहा था कि वो खुद को रोने से रोकने की कितनी शिद्दत से कोशिश कर रही ।
मंगल सूत्र पहनाने के बाद अर्जुन थोड़ा सा पीछे होता है तभी पंडित जी अर्जुन के सामने सिंदूर रखते है अर्जुन गहरी सांस लेता है और थोड़ा सा सिंदूर हाथ में लेकर नैना की मांग में भर देता है और इसी के साथ जो नैना अभी तक खुद को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही थी उसकी आँखें बंद हो जाती है और उसकी आंखों से एक कतरा आंसू का बह निकला था ।
अर्जुन अब भी उसे ही देख रहा था उसके चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं थे शायद वो कुछ सोच रहा था लेकिन क्या ये कहा नहीं जा सकता है ।
तभी पंडित जी बोलते है "शादी संपन्न हुई आज से आप दोनों पति पत्नी हुए...." इसी के साथ सुनीता जी और साक्षी के भी आंसू बह निकले थे राकेश जी की आंखे भी नम थी ।
नैना को अपनी जगह से उठाया जाता है अब विदाई की रस्में जो होनी थी वही अर्जुन तो बाहर की ओर चल देता है सुनीता जो सारी रस्में करने लगती है । रस्में पूरी होने के बाद सब लोग हॉल के बाहर की तरफ आ चूके थे सामने की तरफ ही अर्जुन की कार थी जो कि पूरी तरह से फूलों से सजी थी अर्जुन वहीं कार से टिक कर खड़ा हुआ था और अपने फोन में बिजी था । लेकिन वो अब सामने देखने लगता है जहां सब लोग बाहर इकट्ठा हो चूके थे ।
वहीं नैना की आंखों में आंसू थे नैना बारी बारी सब लोगों से मिलती है सबकी आँखें नम थी सबसे मिलने के बाद राकेश जी नैना को कार की ओर लेकर चल देते है अर्जुन ऑलरेड कार में बैठा था राकेश जी नैना को अर्जुन के बगल वाली सीट पर बैठा देते है थोड़ी देर में कार भी चल पड़ती है रूपाली जी दूसरी कार में आने वाली थी नैना एक नजर विंडो के बाहर सबकी देखती है और फिर पीछे सिर टिका कर अपनी आंख बंद कर लेती है ।


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